भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 72 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। खासकर मेघालय में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
पूर्वी भारत के इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल
पूर्वी भारत के राज्यों पर भी मानसून मेहरबान रहेगा। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ भारी बौछारें पड़ने की आशंका है।
दक्षिण भारत में सक्रिय रहेगा मानसून
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, केरल और कर्नाटक के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। दक्षिण भारत के अन्य कुछ चुनिंदा इलाकों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का यह दौर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में हल्की से मध्यम बारिश
देश के उत्तर-पश्चिम और मध्य हिस्सों की बात करें तो यहां बहुत भारी बारिश का अनुमान तो नहीं है, लेकिन हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान कुछ स्थानों पर बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चल सकती हैं, इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी और जरूरी सलाह
प्रतिकूल मौसम और समुद्री हलचल को देखते हुए IMD ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है, जिसके चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपने क्षेत्र के मौसम के ताजा अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।